बड़े घर की औरत की जिस्म की प्यास

हैलो, दोस्तो!!
मैं जय… जयपुर से। मेरी उम्र 27 साल है।
ये मेरी पहली कहानी है…
बात पिछले महीने की है…
मैं ऑफिस के काम से दो दिनों के लिये दिल्ली गया था। पहले दिन मैं ऑफिस के काम में व्यस्त रहा। दूसरे दिन ऑफिस का काम खत्म कर, शाम को मैं एक दोस्त के यहाँ चला गया, जो मायापुरी (दिल्ली) में रहता है।
रात का खाना मैंने वहीं खाया। बात करते हुये रात के 11 बज गये तो मैंने अपने दोस्त से वापस होटल जाने की इजाजत माँगी और उसके घर से निकल गया।
बाहर सड़क पर आकर मैं किसी टैक्सी या बस का इंतजार करने लगा। थोड़ी देर बाद मेरे सामने एक लाल रंग की कार आकर रूकी…
मैंने कार की तरफ देखा, तभी कार का शीशा नीचे हुआ। अंदर एक औरत बैठी थीं!! उसने मुझे इशारे से पास बुलाया। मैं गाड़ी के पास गया और उसके कुछ पूछने की प्रतीक्षा करने लगा…
तभी वो बोली – कितना लेते हो… ??
मैं बोला – क्या ??
मेरी बात को न सुनते हुये वो बोली – 2000, 3000 या ज्यादा!!! …
मैं बोला – नहीं, मैंम ऐसी… …
मैं अपनी बात पूरा करता तभी वो बोली – मेरे पास ज्यादा समय नहीं है, जल्दी से गाड़ी में बैठो। पैसे की चिंता मत करो, ज्यादा दे दूँगी!! ये कहते हुये उसने गाड़ी का दरवाजा खोल दिया।
मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा था। मैं बस उसकी तरफ देख रहा था। वो फिर बोली – अब खड़े-खड़े मुँह क्या देख रहे हो!! जल्दी से गाड़ी में बैठो… …
मैं आदेशपालक की तरह चुपचाप गाड़ी में बैठ गया और वो गाड़ी चलाने लगी!!
मैंने उसे गौर से देखा वो बहुत सुन्दर युवती थीं!! उसकी उम्र करीब 30 साल होगी। उसने अभी जींस और टी-शर्ट पहन रखी थी। जिससे उसकी चूची का साईज साफ दिख रहा था!! जो की 36 का होगा… !!
मन कर रहा था कि अभी उसके चूची को पकड़ के मसल डालूँ और उसकी चूची का सारा रस पी जाऊँ!!
उसने मुझे अपनी तरफ देखते हुये पाया, तो वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा दी और मेरा नाम पूछा।
मैंने अपना नाम बताया और उसका नाम पूछा। उसने अपना नाम बिंदिया बताया…
लगभग आधे घंटे बाद, गाड़ी एक बड़े आलिशान घर के अंदर रूकी!!
बिंदिया, मुझे अंदर आने के लिए बोली। मैं उसके साथ अंदर गया…
उसने मुझे सोफे पर बैठने को बोला और पूछा – क्या लोगे ठंडा या गर्म… ??
मैंने कहा – आपको जो पसंद हो। वो अंदर कमरे में चली गई।
जब वापस आई तो बिंदिया के हाथ में शराब की बोतल, सोडा, गलास और कुछ खाने की चीजें थी। बिंदिया ने शराब गलास में डालकर एक मुझे दी और एक खुद लेकर मेरे बगल में बैठ गई… …
अब हम शराब पीने लगे। दो-तीन पैग पीने के बाद शराब ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया… !!
बिंदिया अपने एक हाथ से मेरी जाँघ को सहलाते हुए, मेरे लण्ड को पैंट के ऊपर से पकड़ कर मसलने लगी…!! मैं बिंदिया के होठों को अपने होठों में लेकर चुसने लगा!!
वो भी मेरा साथ देने लगी और हम एक दूसरे के होंठ व जीभ का रसपान करने लगे।
बिंदिया मेरे पैंट का जीप खोलकर मेरे तने हुये लण्ड को पकड़ कर हिलाने लगी!!…
थोड़ी देर बाद हम अलग हुये और बेडरूम में आ गये। बिंदिया मेरे सारे कपड़े उतारने लगी!! मैंने भी तुरंत बिंदिया को सिर से पाँव तक नँगा कर दिया…
अब बिंदिया मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी… …
क्या मस्त दूधिया बदन था!! सख्त चूची… चिकना पेट… पतली कमर और दो गोल खंभो के जैसी जाँघों के बीच में चिकनी गुलाबी रंग की कोमल चूत!! !!!
मुझसे रहा नहीं जा रहा था… !!!
मैं बिंदिया की चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरे चूची को हाथ से सहलाने लगा। उसके मुँह से आह निकलने लगी।
थोड़ी देर बाद बिंदिया ने मेरे लण्ड को चूसने की इच्छा जताई, तो मैंने चूची चूसना छोड़ दिया और अपना खड़ा लण्ड बिंदिया के मुँह के सामने कर दिया।
वो मेरा लण्ड लोलीपोप की तरह चूसने लगी और बीच-बीच में मेरे पूरे लण्ड को जड़ तक अपने गले के अंदर तक उतार लेती थी। ऐसा लग रहा था, जैसे वो मेरे पूरे लण्ड को खा जाना चाहती हो…
वो लण्ड चूसने में एकदम माहिर थी… …
थोड़ी देर ऐसा करने के बाद हम 69 की पोजिशन में आ गये।
अब बिंदिया मेरा लण्ड चूस रही थी और मैं बिंदिया की चूत चाट रहा था!! इतना मजा आ रहा था की मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता!! !!!
बिंदिया की चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी और पानी निकलने लगा था… …
वो मेरे सिर को अपनी जाँघों के बीच में दबा रही थी और अपनी कमर को ऊपर की ओर उछाल रही थी।
10 मिनट तक इसी तरह चूत चाटने पर बिंदिया अपने जाँघों से मेरे सिर को मजबूती से जकड़ लिया और झड़ गई!!… पर उसने मेरा लण्ड चूसना जारी रखा।
मैं बिंदिया के चूत से निकलने वाले नमकीन पानी को चाट रहा था!!
बिंदिया के लण्ड चूसने का तरीका इतना निराला था कि मैं भी अपने आपको ज्यादा देर नहीं रोक सकता था।
मैंने बिंदिया से कहा – मैं झड़ने वाला हूँ, पर वो लण्ड को चूसती रही!!! !!
एकाएक मेरा पूरा शरीर अकड़ गया और मैं बिंदिया के मुँह में ही पिचकारी की धार छोड़ते हुये झड़ गया!!… …
बिंदिया मेरा पूरा वीर्य पी गई… …
यह तो आप समझ ही गए होंगे कि जरा सी ग़लतफ़हमी से मुझे जबरदस्त चूत मिल गई थी, पर अफ़सोस ये था कि मैं बेहद जल्दी झड़ गया था!!
क्या करता दोस्तो, लड़की भी तो एक नंबर की चुदक्कड थी…
बिंदिया मुझे एक कॉलबॉय समझ कर अपने आलीशान घर में अपनी चूत को चुदवाने लाई थी, ऐसे में उसकी उम्मीद पर खरा उतारना जरुरी था… …
थोड़ी देर बाद, हम फिर से एक दूसरे को चूमने लगे।
मेरा लण्ड टाईट होने लगा!! !!!
मैं बिंदिया के चूत के दाने व भगनासा को अपने हाथों से रगड़ने लगा और उंगलियों को उसकी चूत में हिलाने लगा। वो पूरी मस्ती में आकर अपनी कमर को हिलाने लगी।
अब मैंने बिंदिया को सीधा लेटने को कहा और मैं उसके दोनों पैरों को अपने कँधे पर रखकर लण्ड को बिंदिया के चूत पर रगड़ने लगा।
ऐसा करने से बिंदिया तड़प उठी और अपनी कमर को ऊपर की ओर उठाने लगी, जैसे लण्ड को जल्दी से अंदर डालने को कह रही हो।
बिंदिया बोली – जय, अब और न तड़पाओ… जल्दी से डाल दो, अपना लण्ड मेरी चूत में और बुझा दो मेरी प्यास… !!
मैंने लण्ड को बिंदिया की चूत के छेद पर रखकर हल्का सा धक्का दिया।
लण्ड धीरे से सरकता हुआ बिंदिया के चूत में आधा घुस गया…
बिंदिया के मुँह से हल्की सी चीख निकली। इसी बीच मैंने दूसरा धक्का लगाया।
इस बार मेरा पूरा लण्ड सरसराते हुये बिंदिया के चूत में घुस गया… वो सिसक उठी!!
मैंने पूछा – क्या हुआ…??
बिंदिया बोली – बहुत दिनों बाद चुद रही हूँ और तुम्हारा लण्ड भी मोटा है इसलिए थोड़ी तकलीफ हो रही है।
मैं अब कमर को आगे-पीछे करते हुये बिंदिया के चूची को चूसने लगा। अब बिंदिया को भी मजा आने लगा।
वो नीचे से कमर हिलाने लगी और बोलने लगी – जय चोदो मुझे… और जोर से चोदो… फाड़ दो, मेरी चूत को… इसमें बहुत आग है!! अपने लण्ड के पानी से बुझा दो, इसकी आग को… …।
बिंदिया पूरे जोश में आ चुकी थी!!
मैंने भी अपने धक्के की रफ़्तार तेज़ कर दी। लगभग 10 मिनट इसी तरह चुदाई के बाद बिंदिया झड़ गई और शांत हो गई!!! !!
अब मैं बिंदिया की गाण्ड मारना चाहता था क्योंकी उसकी गाण्ड बड़ी गुदाज और मुलायम थी।
मैं उसकी गाण्ड को सहलाते हुये बोला – बिंदिया, मैं तुम्हारी गाण्ड मारना चाहता हूँ!!!
वो मना करने लगी – नहीं, बहुत दर्द होगा… !! मैं ने कभी गाण्ड नहीं मरवाई… पर मेरे ज्यादा आग्रह करने पर वो मान गई।
मैंने उसकी गाण्ड और अपने लण्ड पर तेल लगाया।
अब मैंने बिंदिया को डौगी की तरह झुकने को कहा और मैंने पीछे आकर बिंदिया की गाण्ड में अपना लण्ड पेल दिया। वो दर्द से तड़प उठी… पर मैंने दर्द की परवाह किये वगैर उसे चोदना जारी रखा।
वो चिल्लाते हुये मुझसे छोड़ने को कह रही थी!! मैं उसकी परवाह किये वगैर, उसे चोदे जा रहा था…
कुछ देर बाद बिंदिया को भी मजा आने लगा!! वो मुझे जोर से चोदने के लिये कहने लगी… …
मैं भी बिंदिया को ताकत से चोदने लगा। अब मैं चरम सीमा पर था। 8-10 धक्को के बाद मैं बिंदिया की गाण्ड में ही झड़ गया और वैसे ही निढाल हो कर लेट गया… …
इस तरह हमने उस रात तीन बार चुदाई की!!! !!
सुबह मैंने उससे पूछा – कैसा रहा मेरा साथ…??
बिंदिया बोली – ऐसा मजा तो मुझे कभी आया ही नहीं, मैं इसे कभी नहीं भूल सकती… !!
क्या तुम आज रूक सकते हो… ??
मैंने कहा – नहीं, मुझे आज वापस जाना है।
वो बोली – वापस कहाँ जाना है…??
मैं बोला – अपने घर, दिल्ली!!
दिल्ली का नाम सुनकर वो चौंकते हुये बोली – क्या तुम दिल्ली में रहते हो…?? मैं भी दिल्ली में रहती हूँ… यहाँ मेरे पापा का घर है।
कुछ सोचने के बाद बोली – क्या तुम दिल्ली में मिल सकते हो… ??
मैंने हाँ कहा, तो उसने वो मेरा मोबाइल नम्बर लिया और एक किस किया!!
फिर मैं वापस दिल्ली के लिये निकल गया।
आप भी सोच रहे होंगे कि क्या किस्मत पाई है गांडू ने, एक छोटी सी गलतफहमी और इसके लिए फ्री में एक जबरदस्त चूत का इंतज़ाम हो गया…
पैसे कमाए सो अलग… !!
खैर, आप गलत नहीं है… भरोसा करना तो मेरे लिए भी मुश्किल था कि यह सब मेरे साथ हो रहा है लेकिन आप ही बताएं कि कोई नंगी चूत आपके खड़े लण्ड से खुद आकर कहे – “आ, मुझे चोद…” तो क्या आप छोड़ देंगें… ??
नहीं ना… …
तो मैं हाथ आई चूत कैसे छोड़ता, कॉलबॉय समझे या कुछ और, मेरा काम तो हो गया…पर सवाल यह है कि क्या यह कहानी यहीं खत्म हुई या दिल्ली में शुरू हुआ इस चुदाई का दूसरा चरण…
मुझे दिल्ली से दिल्ली वापस आये हुये, दो दिन हो गए थे।
अभी तक बिंदिया का कोई फोन या मैसेज नहीं आया था। तीसरे दिन रात के नौ बजे बिंदिया का फोन आया।
वो कल सुबह दिल्ली आ रही है!!
अगले दिन बिंदिया ने मुझे फोन कर कर शाम को अपने घर आने के लिये बोला।
मैंने बिंदिया से उसके घर का पता पूछा और शाम को उसके बताये पते पर पहुँच गया। उसके घर पहुँच कर मैने डोरवेल बजाया!!
बिंदिया ने दरवाजा खोला और मुझे अंदर बुलाया। मैं बिंदिया के साथ अंदर गया और सोफे पर बैठ गया। बिंदिया भी मेरे बगल में बैठ गई।
उस दिन बिंदिया ने एक पारदर्शी गाऊन पहन रखी थी। जिससे बिंदिया का गोरा बदन, ब्रा में कसे हुये दो उन्नत चुचे और उसकी कोमल चूत को ढके हुये पैंटी साफ झलक रही थी!! !!!
बिंदिया मेरे होठों पर एक लम्बा चुंबन देने के बाद बोली – कैसे हो, जय… ??
मैं – ठीक हूँ।
बिंदिया – पर, मैं ठीक नहीं हूँ!!
मैं – क्या हुआ, तुम्हें?
बिंदिया – तुम्हारे वापस आने के बाद से मैं तुम्हारे लण्ड के लिये तड़प रही हूँ!! तीन दिन मैंने कैसे गुज़ारे, बता नहीं सकती… …
मैं – दिल्ली में अपने घर जैसे मुझे लाई थीं, किसी और को ले आतीं…
बिंदिया – नहीं, जय!! जब से मैंने तुमसे अपनी चूत चुदवाई है किसी और से चुदवाने में वो मजा नहीं आता है… तुम में जो दम है, वो किसी और में कहाँ है!! अरे, मैं तो बातों में भूल ही गई… मैंने अभी तक तुम्हें कुछ पिलाया भी नहीं।
बिंदिया उठी और अंदर से शराब ले आई!!
शराब को गलास में डालने के बाद, उसने एक मुझे दिया और एक खुद पीने लगी। मैंने अपना पैग खत्म करते हुये पूछा – क्या तुम यहाँ अकेली रहती हो… ??
बिंदिया बोली – अकेली हूँ, तभी तो तुम्हें बुलाया है… पर हमेशा अकेली नहीं रहती हूँ… मेरी एक उन्नीस साल की ननद है सीमा, जो हमारे साथ रहती है… आज वो अपनी एक सहेली के यहाँ गई है… वो आज नहीं आयेगी, तो मैंने सोचा क्यों न इस मौके का फायदा उठाया जाये… इसलिए मैंने तुम्हें यहाँ बुलाया!!! !!
मैंने फिर पूछा – तुम्हारे पति कहाँ रहते हैं। वो बोली – उनको अपने बिजनेस और विदेश घूमने से फुर्सत कहाँ है, जो यहाँ रहेंगे… महीने में एक दो बार आ गये तो बहुत है…
अब तक हम दोनों चार-चार पैग लगा चुके थे!! !!!
हमें अब नशा होने लगा था। बिंदिया भी नशे में हिलने लगी थी!! उसकी आवाज लड़खड़ाने लगी थी… तभी बिंदिया एक और पैग तैयार करने लगी।
मैं बोला – शराब पीकर सोना है क्या…?? बिंदिया बोली – नहीं जय, आज हमें पूरी रात जागकर चुदाई करनी है!!! …
तभी मुझे पेशाब लगा, मैं बिंदिया से बोला – बाथरूम किधर है, मुझे पेशाब करना है।
बिंदिया बोली – पेशाब तो मुझे भी लगी है!! बस ये आखिरी पैग खत्म करो, मैं भी तुम्हारे साथ चलती हूँ…
हमनें अपना गलास खाली किया और बाथरूम की ओर बढ़े पर बिंदिया ठीक से चल नहीं पा रही थी।
शराब ज्यादा पीने के कारण उसके पैर लड़खड़ाने लगे थे…
मैं उसे अपने बाँहों में उठाकर बाथरूम ले गया।
पेशाब कर लेने के बाद बिंदिया मेरे लण्ड को पकड़ कर सहलाने लगी।
मैंने सोंचा बिंदिया ज्यादा नशे में है… यहाँ बाथरूम में गिर गई तो उसे चोट लग सकती है, इसलिए मैंने बिंदिया से कहा – चलो, बेडरूम में चलते हैं और मैं उसे लेकर बेडरूम में आ गया।
बिंदिया पहुँचते ही मेरे खड़े लण्ड को अपने हाथों से आगे पीछे करने लगी…
मुझे मजा आने लगा… …
मैं गाऊन के ऊपर से ही बिंदिया की चूची को सहलाने लगा!!
फिर बिंदिया मेरे लण्ड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और मैंने बिंदिया के गाऊन की डोरी को खोल दिया और ब्रा में कसी उसकी चूची को ब्रा के ऊपर से मसलने लगा!!
बिंदिया ने मेरे लण्ड को अपने मुँह से बाहर निकाला और मेरा पैंट खोलकर निकालने लगी। मैंने भी उसकी मदद की और पैंट निकाल दिया।
अब वो वापस मेरे लण्ड को अपनी मुँह में लेकर चूसने लगी और मैंने उसके गाऊन को उसके शरीर से अलग कर दिया!! !!!
अब वो केवल ब्रा और पैंटी में थी!!… उसका गोरा बदन चमक रहा था… गुलाबी ब्रा में कसे उसके चूचक बाहर आने को बेताब थे… ऐसा लग रहा था मानो बिंदिया ने अपने चूची को जबरदस्ती कैद कर रखा हो।
चुदाई का नंगा नाच एक बार फिर होने को बेकरार था!! पर कहते है ना दोस्तो कभी कभी हाथी निकल जाता है और पूँछ रह जाती है, क्या आप जानना नहीं चाहेगें की मेरे साथ भी कहीं ऐसा ही तो नहीं हुआ…??
क्या मेरी किस्मत से महीने में एक दो बार आने वाला बिंदिया का पति अचानक आ टपका या सीमा ने हमें रंगे हाथों और नंगे बदन पकड़ लिया… !!
उसके दोनों चूचक आजाद होकर बाहर आ गये!! !!!
अब मैं बिंदिया की चूची को अपने हाथों से सहलाने लगा और उसके निप्पल को अपने हाथ की दो अँगुलियों से मसलने लगा। वो सितकार उठी…
थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चूची के अगले भाग को अपने मुँह में ले लिया और उसे अपनी जीभ से रगड़ने लगा।
ऐसा करने से वो पूरे मस्ती में आ गई…
इस वक़्त बिंदिया पूरे जोश के साथ मेरे लण्ड को चूस रही थी और मैं भी बिंदिया के मुँह में अपने लण्ड को आगे – पीछे करने लगा।
फिर मैंने अपना एक हाथ धीरे से नीचे ले जागकर बिंदिया के चूत के दाने को अपनी हाथ की अँगुलियों से छेड़ने लगा!! वो पूरे जोश जोश में आ गई!! !!!
उसकी चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी… …
अब मैं अपनी दो अँगुली बिंदिया की चूत में घुसा कर आगे पीछे करने लगा।
वो आहें भरने लगी – आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ… आह… आह आह… अहह… आहह आहह… उम्म… उम्म्म्म… उफ़… ज़ोर से… हाँ हाँ… ऐसे ही… ऐसे ही… ऐसे ही… उम्म्म्म्म्म्म्म!!
कुछ देर तक बिंदिया की चूत को अँगुलियों से चोदने के बाद, हम 69 वाली अवस्था में आ गये।
अब मैं बिंदिया की चूत को चाट रहा था और बिंदिया मेरा लण्ड चूस रही थी!! …
मैं अपनी जीभ को बिंदिया की चूत में अंदर तक डालकर हिलाने लगा। बिंदिया भी कमर नचा – नचा कर अपनी चूत चटवा रही थी!!… दस मिनट तक हम एक – दूसरे का लण्ड व चूत चाटते रहे… !! और लगभग एक साथ झड़ने लगे…
बिंदिया की चूत से पानी बहने लगा!!
मैं बिंदिया की चूत के पानी को अपने जीभ से चाटने लगा!! !!!
इधर मेरे लण्ड ने भी बिंदिया के मुँह में पानी की बौछार शुरू कर दी थी।
बौछार खत्म होने के बाद बिंदिया ने मेरे लण्ड को चूसते हुये बाहर निकाला और मेरे रस को पी गई।
फिर हम एक – दूसरे से लिपटकर निढाल हो गये… … …
कुछ देर हमने इसी तरह चिपके हुये अपनी साँसों को काबू में किया, पर मेरा मन अभी नहीं भरा था।
मैं अपना लण्ड फिर से बिंदिया की चूत में डालकर उसे चोदना चाहता था।
बिंदिया आँखें बँद कर लेटी हुई थी।
मैंने सोचा – शायद बिंदिया शराब की वजह से इतने में संतुष्ट हो गई है!!
मैं उससे अलग होते हुये बोला – बिंदिया, थक गई क्या… ??
वो मुझसे जोर से लिपटते हुये बोली – पहले एक बार अपना लण्ड मेरी चूत में डाल कर मुझे ज़ोर से चोदो तब अलग होना।
मैने कहा – तुम ने तो मेरे मन की बात कह दी… … ये कहते हुये, मैं उसके होंठों को चूसने लगा।
वो तुरंत ही अपनी जीभ मेरे मुँह में डालने लगी। हम एक – दूसरे की जीभ व होंठ चूसने लगे!!
अब मैं अपने हाथों से उसके चूची को सहलाने लगा और वो मेरे लण्ड को अपने हाथ से मसलने लगी!!!
मेरा लण्ड खड़ा होने लगा… …
वो मेरे लण्ड को आगे – पीछे कर हिलाती हुई, अपने मुँह में लेकर चूसने लगी!!
मेरा लण्ड अब तक बहुत कठोर हो चुका था!!
मैं भी अपना एक हाथ बिंदिया की चूत पर मसलने लगा। उसकी चूत भी बहुत गीली हो गई… …
बिंदिया बोली – जय अब अपना लण्ड मेरी चूत में डालकर मेरी चूत की प्यास बूझा दो!! !!!
मैंने उसे बेड पर सीधा लेटा कर, उसके दोनों पैरों को फैला दिया और बीच में आ गया… और अपने लण्ड को बिंदिया के चूत पर रखकर अंदर ठेल दिया।
मेरा आधा लण्ड बिंदिया की चूत में धँस गया। वो सी… सी… की आवाज निकालने लगी।
मैंने तुरंत ही बाहर बचा हुआ लण्ड भी बिंदिया की चूत उतार दिया और कमर हिलाते हुये उसे चोदने लगा… …
वो – चोद चोद चोद चोद चोद चोद… आ आ आ… आआ… करती हुई चुदवा रही थी।
मेरे हर धक्के के साथ वो नीचे से अपनी कमर उठाकर धक्का दे रही थी!! !!!
अब बिंदिया को मैंने बेड से नीचे उतार दिया और उसे बेड को पकड़ कर झूकने के लिये बोला और मैंने पीछे आकर अपना लण्ड उसकी चूत में पेल दिया।
वो कहने लगी – जोर से चोदो मुझे, जय… और जोर से…
मैंने अपने धक्के की रफ्तार को बढ़ा दिया और बिंदिया को जोर-जोर से चोदने लगा!!…
इस प्रकार चोदने से बिंदिया जल्दी ही झड़ गई… …
मैं तुरन्त अपना लण्ड बिंदिया की चूत से बाहर खींचा और उसकी गाण्ड में पेल कर उसे चोदने लगा!! …
थोड़ी देर बाद मैं झड़ने लगा तो मैंने अपना लण्ड बाहर निकाल कर बिंदिया की गाण्ड के पास अपनी पिचकारी छोड़ दी और हम दोनों बेड पर लेट गये।
हमने उस रात तीन बार चुदाई की!! !!!

यह कहानी भी पड़े  करोडपति शबाना को चोद के लखपति बना

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!

Online porn video at mobile phone


दीदी और बुआ सेक्स कहानीxxx.com indan बोरो लगा करटीचर ने घर बुलकर मुझे चोदा सॅक्स स्टोरीकहानी बेटी ने अपने ससुर चुदवाया माँ कोmaa ne apne bete ka land khda dekh ke muth mardiनैंसी की चूत मारीकच्ची उम्र मे शील तोड़ी स्टोरीsex story khe me vidhwa aurto ki gaand chudai barsat mehawas mitai 3 antervasnaChotibahankichudai.combur me sand jaise choda do Lund se kahaniचूत और गांड दोनों चोदा करवाचौथ पे अपनी भाभी कोसेक्स कहानी बुआ सिस्टर मामिChachi ki chudaiबुर लंड घुसाने की कविताkhait mai bur chudai kahaniaaMausi aur maa ki tubewel pr chudai ki कुवारी लडकी चुत फाड डालीराज शर्मा की sex badasareef larki sexy Kahanikamukta hindi buaदीदी ने मेरे सामने ब्रा खरीदी हिन्दी में कहानीरेलगाड़ी में चुदाई देखी कहानीjalim sxsxxx story hindi train me chooti bahen ko goad me baithayबाती की चूत फट गईमम्मी की,मस्त चूदाईvidhwa padosan gand storyलङ चुतकहानीwww.xnxx.com.yidaoSexbaba.net sasur bahu ka milanChed Chad Indiian xxxGrilपैसे के लिए बीबी।चुदी। हिंदी सेक्सी कहानीबहन को बैरहमी से चोदना कहानीसलमा कि चुदाईनशीली चूतचूत से पानी टपकने लगाsabeela aanti ki kahaniचुतanti ne mujhe sone ko bulaya kahani nind meदीदी ने मां को चुदवायाhindi chudai story biwi keebus maतिन्ना मौसी सेक्स स्टोरीkahani xxx gand chiknapapa ke sath pehla sex rajai me. hindi sex storiesDidi ko kursi pe chodaकोमल मेरी हस्तमैथुन करने की स्टोरीमाँ की सामूहिक चुदाईमावशी ने चोदना शिकायAnatarvasna me solelyविधवा भाभी ची ठुकाईबहन की अंग प्रदर्शन की कहानियाँa to z marathi sex storisKamwali ki rakhel banya sex storygaon me bahuon ki samuhik chudaiदीदी चुदी मेरे बॉस सेek builder ne ki mere chudai kahaniअन्तरवासना मुस्लिम भाभी को गालिया देकर चौदा काहानियाhindi.gndi.saxxy.eistori.maa.didi.:mom ljkahaniदोस्त की काली माँ sex storyHindi sexy mausi asceticBeta tu isi bur se nikla hai sex storyChudai.stori ma.bete behen bhabhiमाँ और मौसी की चुदाईHoli ma bahan ki chhodaiचाची की नाभी मेरा लण्ड घुसने लगाबहिन की छुड़ाई बॉस ने कि होली मेंमम्मी ने चूत दिलवाईकामुकता.कथाMa pesab hindi sex stories rajsharmajanbujh ke lund dikhaya sexy storyबुर और लण्ड किप की कहानी हिन्दी मे लिख कर भेजमाँ कीचुदाई देखी की कहाणी अंतरवासना